कैरिबियाई सागर में सार्गासुम नामक समुद्री शैवाल की मात्रा में वृद्धि से मत्स्य पालन और समुद्री जैव विविधता को खतरा उत्पन्न हो गया है। तूफान के मौसम की शुरुआत और हवाओं के तीव्र होने से यह शैवाल दक्षिण की ओर बढ़ने की आशंका है। जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्गासुम का यह प्रसार मछली पकड़ने वाले समुदायों की आजीविका को प्रभावित करेगा। इसके अतिरिक्त, यह समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे समुद्री जीवों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।