नए आँकड़ों से पता चलता है कि ईरान से तेल के ज़रिए होने वाली आय तेज़ी से कम हो गई है। रूस, पहले से भी पीछे, अब पेंशन और वेतन पर निर्भर हो रहा है। तेल राजस्व में गिरावट का मतलब है कि रूस को अपनी युद्ध लागतों को पूरा करने के लिए अपने नागरिकों से अधिक धन लेना पड़ रहा है। ईरान से मिलने वाली अतिरिक्त आय अब उपलब्ध नहीं है, जिससे रूस की आर्थिक स्थिति और भी बिगड़ गई है। यह स्थिति रूस के लोगों पर वित्तीय दबाव बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति जारी रहने पर रूस की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। युद्ध को जारी रखने के लिए अब आम नागरिकों को कीमत चुकानी पड़ रही है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文