रूस में वैज्ञानिकों के लिए अब अपने निष्कर्षों, परिणामों या डेटा को विदेशी सहयोगियों के साथ साझा करना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है। वैज्ञानिक और अनुसंधान गतिविधियों में यह एक मानक प्रक्रिया होने के बावजूद, उन पर तुरंत जासूसी और देशद्रोह का आरोप लगाया जा सकता है। यह स्थिति रूसी वैज्ञानिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को गंभीर रूप से बाधित कर रही है। नए कानून और सरकारी नीतियां वैज्ञानिक स्वतंत्रता को सीमित कर रही हैं। पर्यावरण प्रदूषण जैसे संवेदनशील विषयों पर शोध प्रकाशित करना विशेष रूप से खतरनाक माना जाता है। इस वजह से, कई वैज्ञानिक अपने शोध को सार्वजनिक करने से डरते हैं, जिससे वैज्ञानिक प्रगति में बाधा आ रही है। यह स्थिति रूस में वैज्ञानिक समुदाय के लिए चिंता का विषय है।
