नाइजर में तख्तापलट के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी, जहाँ विद्रोही सैनिकों ने राष्ट्रपति भवन पर हमला कर दिया था। राजधानी नियामी के मुख्य हवाई अड्डे पर स्थित एक सैन्य अड्डे पर उन्होंने डेरा डाल दिया और वफ़ादार बलों के प्रयासों का विरोध किया। विश्लेषकों के अनुसार, रूस के अफ्रीका कोर ने हस्तक्षेप किया और धीरे-धीरे स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। नाइजर रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि सुरक्षा बल धीरे-धीरे नियंत्रण हासिल कर रहे हैं। यह हस्तक्षेप नाइजर में रूस के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इस घटना से क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल, स्थिति की निगरानी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।