रूस में हुए यूक्रेन के ड्रोन हमलों के वीडियो और तस्वीरों को रोकने के लिए, रूस ने अब 'राजद्रोह' कानून का उपयोग करना शुरू कर दिया है। ये कार्रवाई देश के अंदर ड्रोन हमलों से हुई क्षति के दृश्यों को ऑनलाइन प्रसारित करने से रोकने के उद्देश्य से की गई है। रूसी अधिकारी नागरिकों को ऐसी सामग्री साझा करने से मना कर रहे हैं, क्योंकि इससे कथित तौर पर देश की सुरक्षा को खतरा है। इस कदम से सूचना पर नियंत्रण और युद्ध के बारे में जनता की धारणा को आकार देने की रूस की मंशा का पता चलता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बारे में जानकारी को दबाने का प्रयास है। यह कार्रवाई रूसी जनता के बीच युद्ध के वास्तविक प्रभाव को छिपाने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है। इस तरह के सेंसरशिप से युद्ध की रिपोर्टिंग और स्वतंत्र मीडिया पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।