रूसी विदेश मंत्री ने नाटो की आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को रूस के लिए एक सीधी सुरक्षा चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि रूस, नाटो के इस बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। लावरोव ने जोर देकर कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। रूस का मानना है कि नाटो की सैन्य गतिविधियाँ क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रही हैं। मॉस्को ने इस मुद्दे पर कई बार चिंता व्यक्त की है और नाटो से संवाद करने का आग्रह किया है। यह बयान रूस और पश्चिमी देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में एक और तनावपूर्ण मोड़ है। आर्कटिक क्षेत्र में रूस की रणनीतिक उपस्थिति महत्वपूर्ण है, और वह इसे अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक मानता है।

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