रूस अपने भाड़े के सैनिकों को भागने से रोकने के लिए एक विवादास्पद तरीका अपना रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सैनिकों को 'सूची संख्या' के टैटू लगवाने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है। ऐसा माना जा रहा है कि यह कदम सैनिकों के भागने की बढ़ती घटनाओं को रोकने और उन्हें पहचानने में आसानी करने के लिए उठाया गया है। इन टैटू में सैनिकों को दी गई एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है। आलोचकों का कहना है कि यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है और सैनिकों को अपमानित करने का प्रयास है। फिलहाल, रूसी सरकार ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि यह अभ्यास व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है। यह कदम रूसी सेना में अनुशासन और नियंत्रण बनाए रखने की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।