रूस अपनी टैंक क्षमता को युद्ध से पहले के स्तर पर वापस लाने की कोशिश कर रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, रूस ने पुराने सोवियत इंजनों को पुनर्जीवित किया है जिन्हें पहले ठीक करना असंभव माना गया था। हालांकि, टैंकों की संख्या बढ़ने के बावजूद उनके वास्तविक उपयोग में गंभीर समस्याएँ बनी हुई हैं। आधुनिक ड्रोन तकनीक इन टैंकों के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रही है। जिन ड्रोन्स ने मूल टैंकों को नष्ट किया था, वे अभी भी युद्धक्षेत्र में सक्रिय हैं। परिणामस्वरूप, नए और मरम्मत किए गए टैंकों का उपयोग करना जोखिम भरा हो गया है। यह स्थिति रूस की सैन्य रणनीति और संसाधनों के प्रबंधन पर सवाल उठाती है।