रूस में सैनिकों की भर्ती को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहन के तौर पर भारी भरकम राशि के बोनस और ऋण माफी की पेशकश की जा रही है, फिर भी स्वयंसेवकों की संख्या में गिरावट आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस युद्ध में जितने सैनिकों को खो रहा है, उनकी भरपाई करने में असमर्थ है। इस सैनिक कमी का असर अब रूसी अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। स्थिति यह है कि युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था में भारी दबाव आ रहा है। यह संकट रूस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि सैनिकों की कमी युद्ध की रणनीति को प्रभावित कर सकती है और आर्थिक स्थिति को और खराब कर सकती है।
