रूस ने डीजल और समुद्री ईंधन के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को रविवार तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय रूसी उत्पादकों द्वारा भेजे गए गैसोलिओ के निर्यात पर भी लागू होता है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि यह कदम घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के लिए उठाया गया है। प्रतिबंध के विस्तार से यूरोप और अन्य देशों में डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। रूस दुनिया के प्रमुख डीजल निर्यातकों में से एक है, इसलिए इस फैसले का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रूस इस प्रतिबंध को आगे भी जारी रखता है या नहीं।