हाल ही में दो नीतियों पर चर्चा हो रही है, जो दिखने में असंबंधित हैं, लेकिन एक ही सवाल उठाते हैं: सार्वजनिक निर्णय लेते समय सबूतों और प्रभावित लोगों की आवाज़ का कितना महत्व है? क्लुज-नैपोका विश्वविद्यालय (UBB) के प्रोफेसर गेब्रियल बाडेस्कु ने हॉटन्यूज़ में प्रकाशित एक राय लेख में दो उदाहरण दिए हैं जहां, उनका कहना है, रोमानियाई राज्य ... (text ends abruptly) यह लेख सार्वजनिक नीति निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व पर प्रकाश डालता है। यह सवाल उठाता है कि क्या निर्णय लेने की प्रक्रिया में उन लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जा रहा है जो नीतियों से सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाडेस्कु का तर्क है कि सबूतों और प्रभावित लोगों की राय को अनदेखा करना अज्ञानता और अन्यायपूर्ण नीतियों का कारण बन सकता है। यह उन कारकों पर विचार करने की आवश्यकता पर बल देता है जो शिक्षा तक पहुंच को प्रभावित करते हैं, विशेष रूप से आर्थिक पृष्ठभूमि।