एक अनुष्ठान स्नान मामले में, न्यायालय ने एक पुरुष और उसकी प्रेमिका को यौन उत्पीड़न के आरोप से बरी कर दिया है। न्यायाधीश ने विस्तृत निर्णय में बताया कि उन्हें किशोर के साथ यौन उत्पीड़न की साजिश रचने के आरोपों से क्यों मुक्त किया गया। अभियोजन पक्ष इस फैसले से असंतुष्ट है और अपील करने की योजना बना रहा है। न्यायालय ने मामले में सबूतों की कमी और आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त आधार न होने का हवाला दिया। यह मामला अनुष्ठानों के नाम पर किए गए कथित यौन शोषण से जुड़ा था। अब, उच्च न्यायालय में इस मामले की आगे की सुनवाई होगी। यह निर्णय कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।