धान के खेतों में पानी के बहाव वाले रास्तों का उपयोग मछली पकड़ने के लिए एक सुनहरे अवसर के रूप में किया गया। इन प्राकृतिक जलमार्गों का उपयोग करते हुए मछुआरों ने रणनीतिक स्थानों पर जाल (लौर) लगाए। इस सटीक योजना के कारण विभिन्न प्रकार की जंगली मछलियों की भारी मात्रा में पकड़ हुई। यह तरीका दर्शाता है कि प्राकृतिक जल प्रवाह को समझकर मछली पकड़ने की दक्षता बढ़ाई जा सकती है। खेतों में बने ये छोटे रास्ते मछलियों के लिए मुख्य आवागमन मार्ग बन जाते हैं। सही स्थान का चयन करने से मछलियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। यह अनुभव पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक परिस्थितियों के सही तालमेल का परिणाम है।