फ़िनलैंड में पेंशन की आयु हर हाल में 70 वर्ष तक बढ़ाई जाएगी। इस निर्णय से उन कर्मचारियों पर सवाल उठ रहे हैं जो शारीरिक रूप से काम करने में सक्षम नहीं हैं। विशेषज्ञों का तर्क है कि पेंशन की आयु बढ़ाना तभी सार्थक है जब लोग स्वस्थ और काम करने में सक्षम हों। यदि कर्मचारी शारीरिक रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं, तो पेंशन की आयु बढ़ाना अनावश्यक है। सरकार को कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्य क्षमता पर ध्यान देना चाहिए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि वृद्ध कर्मचारी सुरक्षित और सम्मानजनक परिस्थितियों में काम कर सकें। इस मुद्दे पर आगे विचार-विमर्श की आवश्यकता है।