फिलाकुडी द्वीप पर एक छात्रा को स्कूल से कहीं और स्थानांतरित करने की संभावना टल गई है। दरअसल, छात्रा ने प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई थी। स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने एक समाधान खोजा है जिसके तहत छात्रा अब द्वीप पर ही रहकर शारीरिक रूप से और ऑनलाइन दोनों तरीकों से शिक्षा प्राप्त करेगी। स्थानांतरण का निर्णय इसलिए लिया गया था क्योंकि द्वीप पर पर्याप्त छात्र संख्या नहीं होने के कारण स्कूल को बंद करने का खतरा था। छात्रा के पत्र के बाद इस मामले पर ध्यान गया और एक सकारात्मक समाधान निकाला गया। यह निर्णय छात्रा और उसके परिवार के लिए राहत की खबर है, साथ ही द्वीप के स्कूल को भी बचाने में मदद करेगा।