मिस्र में इतालवी शोधकर्ता जूलियो रेगेनी की हत्या के मामले में अभियोजन ने महत्वपूर्ण खुलासा किया है। अभियोजन के अनुसार, रेगेनी किसी खुफिया एजेंसी के लिए काम नहीं कर रहे थे, और न ही इस बात का कोई सबूत है कि उनकी हत्या में ब्रिटिश खुफिया एजेंसी का कोई हाथ था। यह निष्कर्ष लंबे समय से चल रही अटकलों को खारिज करता है कि रेगेनी किसी जासूसी गतिविधि में शामिल थे। जांच में अब तक कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है जो इस दावे का समर्थन करता हो। अभियोजन ने मामले की जांच जारी रखने और हत्या के असली दोषियों को पकड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई है। रेगेनी की हत्या का मामला इटली और मिस्र के बीच राजनयिक तनाव का कारण बना हुआ है। इस नए खुलासे से मामले में आगे की जांच को दिशा मिलने की उम्मीद है।