मछली जैसी गंध एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है, जिसे ट्राइमिथाइलमिनुरिया (Trimethylaminuria) भी कहा जाता है। इस स्थिति में, शरीर ट्राइमिथाइलमाइन (TMA) नामक एक रासायनिक यौगिक को पूरी तरह से तोड़ने में असमर्थ होता है। TMA एक मछली जैसी गंध पैदा करता है, जो व्यक्ति के शरीर से पसीने, मूत्र और सांस के माध्यम से उत्सर्जित होती है। यह विकार चयापचय संबंधी है और आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण होता है। प्रभावित व्यक्ति लगातार एक अप्रिय गंध से घिरे रहते हैं, जिससे सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वर्तमान में, इस विकार का कोई ज्ञात इलाज नहीं है, लेकिन आहार परिवर्तन और अन्य प्रबंधन रणनीतियों से लक्षणों को कम किया जा सकता है।
