व्लादिमीर पुतिन की कुरील द्वीपों की पहली यात्रा पर जापान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जापान इन द्वीपों को ‘उत्तरी क्षेत्र’ कहता है और इन पर अपना दावा जताता है। रूस ने 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था। जापान ने रूस के इस कदम की निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। जापानी सरकार ने मॉस्को में रूस के राजदूत को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवाद और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच सुलह की संभावना कम हो सकती है।