रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विवादित कुरिल द्वीपों का पहला दौरा किया, जिसमें उन्होंने इटुरूप द्वीप का दौरा किया। ये द्वीप रूस और जापान दोनों द्वारा दावा किए जाते हैं। जापान ने इस यात्रा पर कड़ी आपत्ति जताई है, इसे "बिल्कुल अस्वीकार्य" बताया है। यह दौरा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवाद को और बढ़ा सकता है। जापान इन द्वीपों को 'उत्तरी क्षेत्र' कहता है और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से इनका नियंत्रण रूस के पास है। पुतिन का दौरा जापान के लिए एक कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। मास्को और टोक्यो के बीच संबंधों में और गिरावट आने की आशंका है। इस यात्रा से क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की भी संभावना है।