शीर्ष अदालत द्वारा सांसद विकास निधि पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद, बागमती, कर्णाली और अन्य प्रांतों द्वारा सांसदों की सिफारिश पर परियोजनाओं के माध्यम से भारी धनराशि का आवंटन जारी है। यह शीर्ष अदालत के फैसले का संभावित उल्लंघन है। प्रांतीय विधानसभा सदस्यों द्वारा अनुशंसित परियोजनाओं के लिए धन जारी करने से अदालत के आदेश की अनुपालन पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, विभिन्न प्रांतों में यह प्रक्रिया जारी है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने पर विचार कर सकती है कि सभी प्रांत अदालत के निर्देशों का पालन करें। इस मुद्दे पर कानूनी विशेषज्ञों ने भी चिंता व्यक्त की है, और कहा है कि यह कानून के शासन के लिए एक चुनौती है। इस मामले की आगे जांच की जा रही है।