हाल के अध्ययनों से पता चला है कि प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन आंत में मौजूद सूक्ष्मजीवों की विविधता को कम करता है, जिससे पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। सरल कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा शरीर में सूजन पैदा करने वाले अणुओं के उत्पादन को बढ़ावा देती है। यह पाचन स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों की कमी और हानिकारक तत्वों की अधिकता आंत के सूक्ष्मजीवों के संतुलन को बिगाड़ती है। संतुलित आहार और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन आंत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इस बदलाव से शरीर विभिन्न बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है। इसलिए, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन को सीमित करना आवश्यक है।