राष्ट्रपति लौरा फर्नांडीज ने शुक्रवार को कहा कि वह विलासितापूर्ण पेंशनों के खिलाफ हैं, लेकिन पूर्व राष्ट्रपतियों को उनके कार्यकाल के लिए मिलने वाली पेंशन का विरोध नहीं करती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यह पेंशन पूर्व राष्ट्रपतियों को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें नौकरी खोजने या किसी के एहसान तले दबने से बचाती है। फर्नांडीज का मानना है कि यह पूर्व राष्ट्रपतियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपतित्व का पद अपने आप में एक सेवा है और पूर्व राष्ट्रपतियों को वित्तीय सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह पेंशन उन्हें राजनीतिक दबावों से मुक्त रहने और सार्वजनिक हित में काम करने में सक्षम बनाती है। फर्नांडीज ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपतियों की पेंशन एक विशेष मामला है जिसके लिए अलग से विचार किया जाना चाहिए। यह बयान पेंशन को लेकर चल रही बहस के बीच आया है।