शिकार ऋण पीड़ितों ने ऋण समझौते पर पहुंचने के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों की पहली मांग है कि धोखाधड़ी वाले ऋण दस्तावेजों को रद्द किया जाए। उन्होंने इस अपराध को आधिकारिक तौर पर मान्यता देने की भी मांग की है, जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें इस बात का लिखित आश्वासन चाहिए कि भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने के लिए एक मजबूत कानून बनाया जाएगा। वे सरकार से सख्त विनियमन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखते हैं। पीड़ितों का मानना है कि इन शर्तों को पूरा किए बिना कोई समझौता संभव नहीं है। यह आंदोलन पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।