1936 में, पुर्तगाल में ‘मोकाडैड पुर्तुगेसा’ (Mocidade Portuguesa) और ‘लेगियाओ पुर्तुगेसा’ (Legião Portuguesa) नामक दो संगठनों की स्थापना हुई थी। ये संगठन, ‘एस्ताडो नोवो’ (Estado Novo) शासन व्यवस्था के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। हाल ही में, इन संगठनों की स्थापना को 90 वर्ष पूरे हुए हैं, जिसके उपलक्ष्य में इनके इतिहास और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला जा रहा है। ये संगठन क्या थे, इनके लक्ष्य क्या थे और पुर्तगाल के इतिहास में इनका वास्तविक महत्व क्या था, इस पर इतिहासकारों और विश्लेषकों द्वारा गहन विचार किया जा रहा है। ‘एस्ताडो नोवो’ शासन के दौरान इन संगठनों की भूमिका और प्रभाव को समझना, उस दौर की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को समझने के लिए आवश्यक है। इन संगठनों के माध्यम से युवाओं को एक विशेष विचारधारा से जोड़ा गया था और राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ावा दिया गया था। वर्तमान में, इन संगठनों के इतिहास का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि उनके जटिल प्रभाव को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
