अर्थव्यवस्था मंत्री का ध्यान फिलहाल यूरोपीय फंड और पीआरआर (पुनर्प्राप्ति और लचीलापन योजना) पर अधिक केंद्रित प्रतीत होता है। हालांकि, पीआरआर एक अस्थायी योजना है और इसका प्रभाव सीमित समय के लिए ही रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मंत्री को कंपनियों पर अधिक ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वे अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए कंपनियों का मजबूत होना आवश्यक है। यूरोपीय फंड महत्वपूर्ण हैं, लेकिन कंपनियों की स्थिरता और विकास को प्राथमिकता देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सरकार को कंपनियों के लिए अनुकूल माहौल बनाने और उनकी चुनौतियों को दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए। यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि कंपनियां भविष्य के लिए तैयार रहें और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा सकें।
