सरकार अब बेदखली के फैसलों के स्वतः निष्पादन को समाप्त करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, बेदखली का आदेश केवल न्यायाधीश के निर्णय पर निर्भर करेगा। वर्तमान में, बेदखली आदेश स्वचालित रूप से लागू हो जाते हैं। यह अनुरोध किरायेदारी सुधार के एक भाग के रूप में किया गया है और संसदीय अवकाश से पहले इसे भेजा जाना है। इस कदम का उद्देश्य किरायेदार संरक्षण को बढ़ाना और निष्कासन प्रक्रिया में न्यायिक समीक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि यह बदलाव अधिक न्यायसंगत और मानवीय दृष्टिकोण प्रदान करेगा। यह सुधार किरायेदार और मकान मालिक दोनों के अधिकारों को संतुलित करने का प्रयास करता है।