पोप लियो ने स्पेन के बार्सिलोना स्थित सग्रादा फ़मिलिया बेसिलिका को एक ‘वास्तुशिल्प उत्कृष्ट कृति’ बताया। यह उद्घोषणा प्रसिद्ध वास्तुकार एंटोनी गौड़ी की मृत्यु की शताब्दी वर्षगांठ पर की गई। पोप ने बेसिलिका का वर्णन “पत्थरों, रंगों और प्रकाश” का अद्भुत मिश्रण बताया। सग्रादा फ़मिलिया, गौड़ी की सबसे महत्वाकांक्षी रचनाओं में से एक है, जिसका निर्माण 1882 में शुरू हुआ था और अभी भी जारी है। यह गौड़ी की अद्वितीय शैली और आधुनिक वास्तुकला का प्रतीक है। पोप का यह दौरा स्पेन के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है और सग्रादा फ़मिलिया की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। इस अवसर पर, पोप ने गौड़ी के रचनात्मक योगदान को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।