पोप लियो XIV ने स्पेन की यात्रा के दौरान कैनरी द्वीप की ओर जाने वाले प्रवासियों के सामने आने वाले खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रवासियों के प्रति 'उदासीनता' की कड़ी निंदा की, और इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। पोप ने कहा कि प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक मानवीय दायित्व है। कैनरी द्वीप, अफ्रीका से यूरोप में प्रवेश करने वाले प्रवासियों के लिए एक प्रमुख मार्ग है, जहाँ अक्सर खतरनाक समुद्री यात्राएं होती हैं। इस यात्रा के दौरान, पोप ने प्रवासियों के साथ मुलाकात की और उनकी कहानियाँ सुनीं। यह यात्रा प्रवासियों की स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी। पोप की इस टिप्पणी को प्रवासियों के अधिकारों की वकालत करने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।