पूर्व न्याय मंत्री के कार्यकाल में, मंत्रालय ने कार्निवल के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए नाच, कराओके और बॉल पूल जैसी गतिविधियों पर 160,000 ज़्लॉटी से अधिक खर्च किए। अब, सर्वोच्च लेखा परीक्षा कार्यालय (NIK) ने इन खर्चों को "अनुचित" बताकर सवाल उठाए हैं। मंत्रालय इस कार्यक्रम के आयोजन का बचाव कर रहा है। NIK का मानना है कि सार्वजनिक धन का यह उपयोग उचित नहीं था। यह मामला पारदर्शिता और सरकारी खर्चों की जवाबदेही पर बहस छेड़ सकता है। मंत्रालय का कहना है कि यह कार्यक्रम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए था। इस खर्च पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी आ सकती हैं।