अभियोजनकर्ता ने भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ताओं के फोन की तलाशी लेने के पुलिस के प्रयास को रोक दिया है। यह कदम प्रस्तावित जांच को लेकर चिंता व्यक्त करने के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि यह एक ‘मछली पकड़ने का अभियान’ बन सकता है। अदालत ने पहले जब्त किए गए उपकरणों को वापस करने का आदेश दिया था। अभियोजनकर्ता का तर्क है कि तलाशी का कोई स्पष्ट उद्देश्य नहीं था और यह जांच के दायरे से बाहर हो सकती थी। इस फैसले से पुलिस और भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों के बीच तनाव बढ़ सकता है। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की संभावना है। यह घटना पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को भी उजागर करती है।
