वरिष्ठ मेट्रो पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया है कि साइमन लेवी की दूसरी पीड़िता, शेरील विल्किंस, को बचाया जा सकता था। यह स्वीकारोक्ति इस मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। लेवी एक पंजीकृत यौन अपराधी था, और अधिकारियों ने पहले भी उसके ख़तरनाक व्यवहार की जानकारी होने के बावजूद, उसे रोकने में विफल रहे। इस विफलता के कारण, लेवी ने एक और महिला की हत्या कर दी और अन्य महिलाओं पर हमला किया। इस घटना से पुलिस की निगरानी प्रणाली और यौन अपराधियों के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी अब जांच कर रहे हैं कि क्या लेवी को पहले हिरासत में लेने से त्रासदी को टाला जा सकता था। इस मामले ने जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है और पुलिस जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।