पूर्व अधिकारी म्खवानज़ी ने स्वीकार किया है कि मत्लाला की पुलिस क्लीयरेंस दस्तावेज़ जाली थी। उन्होंने मैडलंगा आयोग पर भी तीखा प्रहार किया, आरोप लगाते हुए कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। म्खवानज़ी ने आयोग की कार्यवाही और सार्वजनिक ध्यान के कारण अपनी परेशानी व्यक्त की। उनका कहना है कि उन्हें अनावश्यक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। म्खवानज़ी के इस बयान से आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। यह मामला भ्रष्टाचार और जवाबदेही से जुड़े आरोपों से घिरा हुआ है। आगे की जांच से इस प्रकरण की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।