पोलैंड में फिलहाल अनिवार्य सैन्य भर्ती बहाल करने की कोई योजना नहीं है, यह बात देश के रक्षा मंत्रालय के उप-प्रमुख सेज़री टोमczyk ने कही है। उन्होंने बताया कि हर साल लगभग 50,000 स्वयंसेवक सेना में शामिल हो रहे हैं, इसलिए अनिवार्य भर्ती की आवश्यकता अभी नहीं है। हालांकि, टोमczyk ने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में स्थिति बदलती है और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक नहीं मिलते हैं, तो अनिवार्य भर्ती पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी स्थिति आने पर सरकार के पास कोई और विकल्प नहीं होगा। यह बयान पोलैंड की सुरक्षा स्थिति और संभावित खतरों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्रालय का यह रुख दर्शाता है कि पोलैंड अपनी सेना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन फिलहाल वह स्वयंसेवकों पर निर्भर रहना चाहता है। स्थिति की निगरानी जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार निर्णय लिए जाएंगे।