पुर्तगाल की एक प्रसिद्ध कहावत, “लड्रão क्यू रोबा लड्रão तेम सेम अनोज़ दे परडॉओ” का अर्थ है, “चोर से चोरी करने वाले को सौ साल की माफी मिलती है।” यह कहावत दर्शाती है कि जब गलत काम करने वाले को उसकी करनी का फल मिलता है, तो लोग उसे न्यायोचित मानते हैं। यह एक तरह की ‘कर्म फल’ की अवधारणा को उजागर करती है। कानूनी तौर पर यह चोरी को सही नहीं ठहराती, बल्कि यह नैतिकता और न्याय प्रणाली की जटिलताओं पर एक विनोदी टिप्पणी है। यह सदियों से चली आ रही यह नीति, गलत के विरुद्ध गलत करने की मानवीय प्रवृत्ति को दर्शाती है। यह कहावत समाज में व्याप्त न्याय की धारणाओं और लोगों की प्रतिक्रियाओं पर प्रकाश डालती है। यह एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति है जो मानवीय स्वभाव की एक दिलचस्प झलक प्रस्तुत करती है।
