घाना में प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या अब केवल सड़कों, नालियों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। ओशन हार्मनी प्रोजेक्ट के संस्थापक अब्दुल ना-ईम मुनिरु ने चेतावनी दी है कि फेंका गया प्लास्टिक समुद्री भोजन के ज़रिए मानव आहार में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने JoyNews X प्लेटफॉर्म पर आयोजित Loud and Green XSpaces के दूसरे संस्करण में यह बात कही। मुनिरु, जो नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी के यंग एक्सप्लोरर भी हैं, ने समुद्री पारिस्थितिक तंत्र, खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए प्लास्टिक प्रदूषण के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डाला। उनका कहना है कि प्लास्टिक का सेवन मछलियों के ज़रिए हो रहा है, जो अंततः मानव आहार का हिस्सा बन रहे हैं। इस स्थिति से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और पुनर्चक्रण पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।