विशेषज्ञ बताते हैं कि चीनी पीएलए अब व्यक्तिगत हथियारों पर निर्भर रहने के बजाय, व्यापक “सिस्टम-उन्मुख युद्ध” को अपना रहा है। यह ताइवान की रक्षा के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है। पीएलए धीरे-धीरे खुफिया जानकारी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संचार, हथियार, रसद और बुनियादी ढांचे को एक समग्र युद्ध प्रणाली में एकीकृत करने पर ज़ोर दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पीएलए अब केवल हथियारों की क्षमता से चिंतित नहीं है। बल्कि, यह युद्ध प्रणाली के समग्र प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ताइवान को अपनी रक्षा रणनीतियों को बदलने और इस नए दृष्टिकोण का सामना करने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। इस बदलाव का मतलब है कि ताइवान को अपनी रक्षा क्षमताओं में एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना होगा।

English
Français
Español
हिन्दी
中文