लोकपाल जेसुस क्रिस्पिन रेमुल्ला ने सीमा शुल्क ब्यूरो (Bureau of Customs) के कथित असहयोग और डेटा साझा करने की कमी के बारे में चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गायब या देर से प्राप्त होने वाले दस्तावेज़ तस्करी के मामलों की जांच और तस्करी विरोधी पहलों को मजबूत करने के प्रयासों को बाधित कर रहे हैं। रेमुल्ला ने इस डेटा की कमी को तस्करी के मामलों के सफल अभियोजन में एक बड़ी बाधा बताया है। उन्होंने डेटा साझा करने में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मुद्दे पर ध्यान न देने से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और देश के राजस्व में कमी आ सकती है। रेमुल्ला का मानना है कि सीमा शुल्क अधिकारियों और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी प्रासंगिक जानकारी समय पर उपलब्ध हो ताकि अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।