चीन में दवा कंपनियां सीधे तौर पर अपनी दवाओं का विज्ञापन नहीं कर सकती हैं, क्योंकि वहां स्थानीय नियम-कानून इस पर प्रतिबंध लगाते हैं। इस प्रतिबंध के बावजूद, फार्मा कंपनियां अप्रत्यक्ष तरीकों से चीनी ग्राहकों तक पहुंच रही हैं। वे स्नोरिंग, सबवे और गुप्त विज्ञापनों का उपयोग करके लोगों को अपनी दवाओं के बारे में जागरूक कर रही हैं, विशेष रूप से मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों को लक्षित कर रही हैं। यह रणनीति चीन में मोटापे के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखकर बनाई गई है। दवा कंपनियां इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। यह विज्ञापन रणनीति नियमों का उल्लंघन नहीं करती, लेकिन नैतिक सवाल जरूर खड़े करती है। इस तरह के अप्रत्यक्ष विज्ञापन के कारण, ग्राहकों को दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है।