बर्लिन में एक अदालत के फैसले के बाद एक सेवानिवृत्त और विकलांग महिला को अपने घर से बेदखल होना पड़ रहा है। विवाद का कारण 51 यूरो का मामूली किराया बढ़ाव था, जो कानूनी सीमा से अधिक था। महिला ने अदालत में अपने घर को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रही। अदालत ने मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद महिला को अब आवास ढूंढना होगा। यह मामला जर्मनी में किफायती आवास की कमी और बुजुर्गों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डालता है। अदालत के इस फैसले से महिला काफी परेशान है।
