पसमा (उरीमाई) के अध्यक्ष रामासामी का कहना है कि इस्लामिक पार्टी ने बरसातु से संबंध तोड़कर प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को सत्ता सौंपने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुसार, इस फैसले से विपक्ष कमजोर हुआ और केंद्र में सत्ता हासिल करने का अवसर खो गया। रामासामी ने पसमा की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने अपने सहयोगियों के साथ संबंध तोड़कर एक बड़ी गलती की। उनका मानना है कि इस विभाजन से अनवर इब्राहिम के नेतृत्व वाली सरकार को मजबूती मिली है। रामासामी के इस बयान से मलेशियाई राजनीति में चल रही खींचतान और गठबंधन की संभावनाओं पर प्रकाश पड़ता है। यह बयान पसमा के भीतर भी असंतोष का संकेत दे सकता है। इस घटनाक्रम का असर भविष्य में राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।