एलिस स्प्रिंग्स में एक पैरोल कर्मी, जिस पर एक 20 वर्षीय भगोड़े कैदी की निगरानी की ज़िम्मेदारी थी, उसके साथ एक होटल में आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया। इस मामले में, कर्मी पर न्याय में बाधा डालने का आरोप लगा था। अदालत ने उसे जेल की सज़ा से बचा लिया है, हालांकि उस पर जुर्माना लगाया गया है। यह घटना तब सामने आई जब दोनों को एक होटल के कमरे में एक साथ पाया गया। अदालत ने माना कि कर्मी ने अपनी पेशेवर ज़िम्मेदारी का उल्लंघन किया, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए जेल की सज़ा उचित नहीं मानी गई। यह मामला पैरोल प्रणाली में सुरक्षा और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। आगे की जांच जारी है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।