लोकप्रिय नॉर्वेजियन संगीत कार्यक्रम वीजी-लिस्टा में प्रदर्शन करने वाली नर्तकी इरलिन फिन्सडाल ने दर्शकों में बढ़ती आत्म-केंद्रित प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कार्यक्रम में आने वाले दर्शक केवल ‘मैं, मैं, मैं’ की संस्कृति को दर्शाते हैं, जहाँ दूसरों की सराहना करने की भावना कम होती जा रही है। फिन्सडाल के अनुसार, बच्चों में उत्साह और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना पैदा करने की ज़िम्मेदारी अब माता-पिता को लेनी होगी। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को संगीत और कला के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करें। यह टिप्पणी वीजी-लिस्टा के आयोजन और युवा पीढ़ी के मूल्यों पर बहस को जन्म दे सकती है। फिन्सडाल का मानना है कि इस प्रवृत्ति को बदलने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
