पापुआ के यापेन द्वीप समूह में बोली जाने वाली वाबो भाषा अब केवल 50 से 70 वर्ष की आयु के बुजुर्गों द्वारा बोली जाती है। इस स्थिति के कारण राष्ट्रीय अनुसंधान और नवाचार एजेंसी (BRIN) ने भाषा को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। BRIN इस भाषा के व्याकरण को संकलित करने और दस्तावेजीकरण करने का काम कर रहा है ताकि इसे संरक्षित किया जा सके। यह पहल पापुआ की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तत्काल ध्यान न दिया गया तो यह भाषा पूरी तरह से विलुप्त हो सकती है। BRIN का लक्ष्य भाषा के व्याकरण को मानकीकृत करके युवा पीढ़ी को इसे सीखने और उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस प्रयास से वाबो भाषा को जीवित रखने और पापुआ की भाषाई विविधता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।