पापुआ पर्वत के नदुगा जिले के 10,272 नागरिक 2 दिसंबर, 2018 से जारी संघर्ष के कारण अभी भी विस्थापित जीवन जी रहे हैं। सात वर्षों से ये नागरिक अपने घरों से दूर, राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय नेता लेरी ग्विजांगे ने सरकार से इस मानवीय संकट को समाप्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि विस्थापित लोगों की स्थिति दयनीय है और उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है। सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे विस्थापित लोगों में निराशा बढ़ रही है। ग्विजांगे ने सरकार से विस्थापितों की सुरक्षित वापसी और पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संकट के कारण क्षेत्र में अशांति और अस्थिरता बनी हुई है।
