पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारत के एक मंत्री की हालिया टिप्पणियों के बाद चेतावनी जारी की है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान के अस्तित्व और विकास के लिए आवश्यक जल को जानबूझकर रोकना गंभीर परिणाम देगा। उन्होंने इस तरह के किसी भी कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने की बात कही और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत इसे युद्ध के कृत्य के रूप में माना जाने की संभावना व्यक्त की। पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है और भारत से इस मामले में सावधानी बरतने का आग्रह किया है। यह बयान सिंधु जल संधि के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जो दोनों देशों के बीच जल बंटवारे को नियंत्रित करती है। पाकिस्तान का मानना है कि जल संसाधनों का उचित और न्यायसंगत वितरण क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है।