पाकिस्तान के नवीनतम बजट में मध्यम वर्ग पर करों का बोझ बढ़ा है, जबकि आर्थिक चुनौतियों के बीच व्यापक राहत प्रदान करने में विफलता रही है। बजट में वेतनभोगी वर्ग पर कर दायरा बढ़ाया गया है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं, जिनमें संपत्ति कर और वस्तुओं एवं सेवाओं पर करों में वृद्धि शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को कम कर सकते हैं और महंगाई को और बढ़ा सकते हैं। बजट में सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुछ आवंटन किए गए हैं, लेकिन ये मध्यम वर्ग की चिंताओं को पूरी तरह से दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कुल मिलाकर, यह बजट आर्थिक स्थिरता प्राप्त करने पर केंद्रित है, लेकिन मध्यम वर्ग को तत्काल राहत प्रदान करने में विफल रहा है।