एमआईटी के वैज्ञानिकों ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में पाया है कि ओजोन परत का क्षरण 1957 में ही शुरू हो गया था, जो अंटार्कटिका में ‘ओजोन छेद’ की खोज से लगभग 30 साल पहले था। इस अध्ययन में टेट्राक्लोरोकार्बन को पहली बार इस क्षरण के लिए मुख्य रूप से ज़िम्मेदार ठहराया गया है। पहले यह माना जाता था कि ओजोन परत का क्षरण अंटार्कटिका में शुरू हुआ था, लेकिन नई खोज इस धारणा को चुनौती देती है। वैज्ञानिकों ने ऐतिहासिक डेटा का विश्लेषण करके यह निष्कर्ष निकाला कि टेट्राक्लोरोकार्बन के उत्सर्जन ने वैश्विक ओजोन क्षरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अध्ययन ओजोन परत की बहाली और भविष्य की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है। यह खोज पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है।