पिछले सप्ताह केवल 357 भेड़ों का वध किया गया, जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम संख्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि वध के लिए भेड़ों की मांग में कमी के कारण यह गिरावट आई है। हालांकि, उद्योग जगत में इस स्थिति को पशुधन में वृद्धि के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में, बाजार में भेड़ों की आपूर्ति कम है, लेकिन भविष्य में मांग बढ़ने पर पशुधन की संख्या बढ़ने से लाभ होने की उम्मीद है। यह स्थिति ऊन उत्पादकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है, क्योंकि इससे ऊन की कीमतों में स्थिरता आ सकती है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले महीनों में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कुल मिलाकर, वध की संख्या में गिरावट अल्पकालिक मंदी का संकेत है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से पशुधन में वृद्धि की संभावना है।