स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि हर 10 में से 3 वयस्क मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित हैं। यह स्थिति हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ाती है। डॉक्टरों का सुझाव है कि 168 घंटे का रुक-रुक कर उपवास मेटाबॉलिक सिंड्रोम से निपटने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है। यह उपवास शरीर को डिटॉक्स करने और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने में मदद करता है। हालांकि, उपवास शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है, खासकर यदि कोई पहले से ही किसी स्वास्थ्य स्थिति से पीड़ित है। स्वस्थ जीवनशैली, जिसमें संतुलित आहार और नियमित व्यायाम शामिल है, मेटाबॉलिक सिंड्रोम को रोकने और प्रबंधित करने के लिए आवश्यक है। यह सर्वेक्षण स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और निवारक उपायों को बढ़ावा देने का आह्वान करता है।