हिब्रू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया है कि जिन महिलाओं को अपने शरीर की बनावट से जुड़ी कम आत्मविश्वास की भावना होती है और जो सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग करती हैं, उनमें सौंदर्य सर्जरी की ओर झुकाव और निर्भरता जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह अध्ययन सौंदर्य सर्जरी चाहने वाली महिलाओं के मनोवैज्ञानिक कारकों की जांच करता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं में आत्म-सम्मान कम होता है, वे अक्सर अपनी शारीरिक उपस्थिति में सुधार के लिए सर्जरी का सहारा लेती हैं, खासकर सोशल मीडिया पर दूसरों की छवियों से प्रभावित होकर। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग शरीर की छवि को लेकर निराशा को बढ़ा सकता है और यह सौंदर्य सर्जरी की इच्छा को प्रेरित कर सकता है। अध्ययन से पता चलता है कि सौंदर्य सर्जरी की इच्छा केवल सतही नहीं है, बल्कि यह गहरी मनोवैज्ञानिक समस्याओं का संकेत हो सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन महिलाओं को सर्जरी से पहले मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता हो सकती है। इस अध्ययन के निष्कर्ष सौंदर्य सर्जरी उद्योग और मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण हैं।